मंगलवार, 6 सितंबर 2011

सर्द मौसम आ गया

सर्द मौसम आ गया,

कोहरा घना छा गया!


कोई गिरा कोई चला,

कोई मंजिल पा गया!


दिल तोडा और छोडा

दूर लेकिन ना गया!


वो हंसा, कातिल बना,

दूसरों का क्या गया


मुरझाया कोई,कोई खिला,

मौसम ये रास आ गया


7 टिप्‍पणियां:

  1. वो हंसा, कातिल बना,
    दूसरों का क्या गया

    बहुत सुंदर भावनाएं आपके ब्लॉग पर आना और आपकी गजलों को पढना अच्छा लगा

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  2. कृपया वर्ड वेरिफिकेशन हटा लें ...टिप्पणीकर्ता को सरलता होगी ...

    वर्ड वेरिफिकेशन हटाने के लिए
    डैशबोर्ड > सेटिंग्स > कमेंट्स > वर्ड वेरिफिकेशन को नो NO करें ..सेव करें ..बस हो गया .

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